पति पत्नी का प्रेम
एक जोड़ा था जो गरीब होने पर भी आनन्दीत रहता था । लेकिन , एक दिन वे दुर्भाग्य का शिकार हुए । अज्ञात रोग से पत्नी बीमार पड गई । बीमारी से पीड़ित पत्नी को देख कर ,पति भाऊक हो उठा ।लेकिन उसके पास महंगी दवा खरीदने के लिए बिल्कुल पैसा नहीं था ।सोचते-सोचते ही उसे इसका हल मिल गया ।उसने बाजार में जाकर एक सस्ता जेंशें (पौधा)खरीद लिया , और पत्नी को ऐसा कहा ,
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पत्नी ने उस जेनशेंन को,
जिसे पति खोद कर ले आया था, पूरा खा लिया । पति ने बगल में बैठी हुई पत्नी को खुद
पर भरोसा करके खाते हुए देखकर , उसके प्रति आभार महसूस किया। और उसने पत्नी पर तरस
भी खाया , क्योंकि उसे मालूम नहीं था कि यह औषधि की , जंगली जेनशेंन नहीं है ।
लेकिन आचार्यजनक रूप से , पत्नी उसी समय से धीरे-धीरे स्वस्थ होने लगी । आतः पत्नी
की बीमारी पूर्ण रूप से चंगी हो गई ।इस पर पति इस आपराध भावना से बहुत दुखी हुआ कि उसने पत्नी को सच नहीं कहा
,और वह सच कहने लगा “प्रिय , में सच बताऊंगा
। में दावा का खर्च नहीं उठा पाया,इसलिए आप को झूट बोलना पड़ा । मुझे क्षमा करो ।
जैसे पति ने सच्चे दिल से
माफी मांगी ,पत्नी अपने प्रति पति के प्यार के मन को जान गई , जिससे दिल पसीज उठा
, और पति को गले लगाकर कहा ,
“प्रियतम!मैंने जेनशेन तो कभी नहीं खाया है , लेकिन केवल आपका प्रेम
समाया है ।”
इसे सुनाने के बाद , पति ने अपने काम पर , जो उसी समय तक किया था,
सचमुच गर्व और बड़ी ख़ुशी महसूस किया ।
इस कहानी में गरीब पति को अपनी पत्नी से बहुत ही प्यार करने की वजह से
, झूठ बोलना पड़ा ,लेकिन पत्नी ने पति के पूर्ण समर्पण और प्रेम को देखकर ,पति को
क्षमा किया जिसने सच नही कहा । यद्यपि दोनों धनि नहीं थे , फिर भी वेआपस में
सुन्दर प्रेम रखते हुए जीवन भर साथ निभाते थे ।


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