साधारण रीती से ,लोग बड़े मन वालेको ऐसा कहते है की ‘गहरा दिल वाला। गहरे दिल वाला हमेशा आत्मसंयम रखने और विचारवान होने के कारन,किसी से भी नहीं चुक जाता है , और उसके साथरहते हुए बढावा मिलाने के कारन , सहजता से उसके बगल में हमेशा लीग बसना चाहते है
यदि कोई जानना चाहे कि कुंआ किताना गहरा है , तो कुंए के अन्दर पत्थर फेंके , तब तुरंत उस गहरै को जान सकेगा। वह पत्थर जो छिछले कुंए के अन्दर फेंका गया , उसके कुंए के ताल से तकर्स जाते ही ,शोर मच जाता है । परन्तु वह पत्थर जो गहरे कुंए के अन्दर फेंका गया ,उसे ताल तक जाने के लिए लम्बा समय लगता है , इसलिए कुंए से शोर नहीं , बल्कि गहरी गूंज देर तक रहती है ।
उसी तरह से इन्सान की
गहराई भी दुसरों की बोली बात से नपी जा सकती है ।यदि कोई दुसरें की नकारात्मक
बात सुनते ही सरलता से उत्तेजित होगा और डगमगाएगा ,तो उससे यह प्रमाणित है कि उसके
मन की गहराई छिछली है । लेकिन गहरा मन वाला दूसरों की कहीगई बातों पर सरलता से
प्रतिक्रिया नहीं करता और उसे धीरे धीरे स्वीकार करता है । ऐसे गहरेव बड़े मन के
कुंए के बगल में , लोग बसने ली इच्छा करते हैं और वहा प्यास बुझा कर नया प्रोत्साहनः पते हैं ।
गहरा विश्वास लेने के लिए ,सब से पहले हमारा मन ही गहरा होना चाहिए
,क्योंकि मन ,जो गहरा नहीं हैं , उसमें विश्वास भरना कठिन होता है ।

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