प्रत्येक स्त्री को अपने स्वास्थ्य और
सौंदर्य की ओर वीशेष ध्यान देना चाहिए
.साफ-सुधरी ,हसती और अपने चारो ओर आनंद कि छटा बिखेरती
स्त्री भला किसके मन को नाही लुभा सकती . स्वास्थ्य और सौंदर्य एक-दुसरे से अलग
नही किए जा सकते ,क्योंकी स्वास्थ्य के बिना सौंदर्य सर्वाथ नकली
प्रतीत होता है .इसलिये कहा गया है कि उत्तम स्वास्थ्य में हि वास्तविक सौंदर्य है
.चुंकी देखणे वालो कि नजरे सबसे पहले चाहरे पर हि पडती है ,अतः
चहरे को हि आकर्षक बनाने का कार्य प्रत्येक स्त्री करती है .रोज लिपस्टिक ,तेल
,इत्र,पावडर
और क्रीम आदि चहरे कि आभा बढाने के लिए हि प्रयुक्त और किए जाते है .यदी इन
कृत्रिम सौंदर्य-प्रसाधानो कि बजाय गालो से कुदरती तौर पंर रक्त कि लालिमा फुटे ,होठो
पर स्वास्थ्य कि ताजा मुस्कुराहाटो कि कलिया खिले और आंखो में नमी व चमक हो , तो
प्रभाव निःसंदेह बडा हि दिलकाश होगा .दुसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि स्वास्थ्य और
सौंदर्य संपूर्ण शरीर से झांकता प्रतीत होणा चाहिए.
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| स्वास्थ्य-और-सौंदर्य |
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| स्वास्थ्य-और-सौंदर्य |
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| स्वास्थ्य-और-सौंदर्य |
बहुत सी स्त्रिया बहुत दुबळी-पटली
होती है और बहुत-सी आवश्याकाताओ से अधिक मोटी .अतः दुबळी पतली स्त्रीयोंको शरीर पर
थोडा सा मांस चढाने का प्रयास करना चाहिए .शरीर का स्वास्थ्य ऐसा होणा चाहिए कि
मुह चढकर बोले और देखानेवालो कि निगाहो में चुभ जाए .इस प्रकार कि स्त्रियो को
अपनी दिनचर्या में थोडासा परिवर्तन अवश्य कारण चाहिए .उत्तम स्वास्थ्य को बनाये
रखने कि दिशा में याह एक महत्वपूर्ण कदम है .
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| स्वास्थ्य-और-सौंदर्य |
जो स्त्रिया श्रम अधिक करती है,उनके
लिए सबसे आच्छा उपाय प्रातः भ्रमण है .योगासानो कि क्रीयाए तो बहुत अधिक लाभप्रद
सिध्द होती है .किंतु घरेलू बाल-बच्चो वाली स्त्रियो के लिए प्रायःस् यह क्रियाए
करणा असंभव है .इसलिये सैर करना हि उनके लिए सबसे उपयुक्त साधन है .
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| स्वास्थ्य-और-सौंदर्य |
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