दुबळा और पतला शरीर
यदी शरीर आवश्यकता से अधिक दुबला और पतला हो
जिसे काही भी जाने में शर्मिन्द्गी महसूस होती हो तो ऐसा क्यो है ?इसका कारण भी
खोजना चाहिए .यादी खाये हुए आहार का ठीक प्रकार से पाचन न हो तो आहार रस क निर्माण
उचीत मात्रा में नाही होता है .इस कारण से रक्त ,मास ,चुर्बी ,मज्जा ,रज ,हड्डीया
आदि का पोषण नाही हो पता
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इसका एक दुसरा कारण भी है , जो स्त्रिया आवश्यकता से अधिक परिश्रम करती है
,उनके शरीर में मांस ,रक्त और चर्बी कि वृद्धी बहुत अल्प मात्रा में हो पाती है
,जिस कारण उनका शरीर दुबला और पातला रह जाता है .अधिक मात्रा में रोगो कि अधिकता
के कारण भी यह स्थिती आ सकती है
पतले शरीर पे मांस और चर्बी कि कमी स्पष्ट हि दिखाई देती है .शरीर एक
कंकाल-सा दिखाई देणे लागता है .ऐसी स्त्रीयोनको रोग भी शिघ्रही आ घेरते है
,क्योंकी उनके शरीर में रोगो
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से लाडाने कि शक्ती नाही होती .
इन स्त्रीयोंको बादाम ,मुंगाफाली ,खजूर ,पिस्त,मानुक्का,अखारोत तथा काजू
आदि का सेवन अधिक मात्रा में करना चाहिए .इससे मांस और चर्बी कि वृद्धी होती है
.इनके लिए गेहू ,चावल ,उडद राजमा,चना ,तील ,दही ,मक्खन ,घी और तेल हितकार होता है
.केला,मोसंबी ,अनार अंगूर ,संतरा ,सेब और आम तो विशेष उपयोगी सिध्द होती है
.सब्जीयो में आलू ,पेठा ,शलजम , सेब, तोरई,गाजर ,टामाटर,गोबी और मटर का प्रयोग भी
उन्हे अधिक मात्रा में करना चाहिए .
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